गर्भ में लड़का किस साइड रहता है | 5 Superb Way To Know Baby Gender In Pregnancy

Pregnancy Me Kamar Dard से जुड़ी 10 बातें, कारण और उपचार

नारी के लिए मां बनना जरूरी है फिर चाहे बेटे की बनी या बेटी की। लेकिन फिर भी अपने गर्भ धारण करने के बाद हर स्त्री यह जानना चाहती है कि उसको बेटा होगा या बेटी। ऐसे में गर्भ में लड़का किस साइड रहता है और लड़की किस साइड, यह जानना हर नारी चाहती होगी।

मातृत्व एक स्त्री को संपूर्ण बनाता है। मां बनना ईश्वर द्वारा दिए गए वरदान में सर्वश्रेष्ठ वरदान है। गर्भ में पल रहा बच्चा लड़का हो चाहे फिर लड़की। हर मां यही कामना करती है कि वह स्वस्थ हो।

यह सबको पता होना चाहिए कि बच्चे को गर्भ में धारण करने के बाद कम से कम 3 महीने तक बच्चे के लिंग का पता नहीं लगाया जा सकता क्योंकि 3 महीने तक बच्चा केवल भ्रूण अवस्था में रहता है। 3 महीने के बाद बच्चे के लिंग और अन्य अंग बनने लगते हैं।

तो इस तरीके से संपूर्ण जानकारी 5 महीने के बाद ही प्राप्त की जा सकती है। अर्थात 5 महीने के बाद अगर हम जांच कराते हैं तो लिंग का पता लगाया जा सकता है कि गर्भ में पुत्र या पुत्री हैं।

सुनने का समय नहीं है? इस लेख का हिंदी सारांश सुने

लेकिन भारत में भ्रूण हत्या को रोकने के लिए बच्चे का लिंग जांच करवाना गैर कानूनी माना गया है। लेकिन आप अपने घरेलू तरीकों से पता कर सकते हैं कि गर्भ में पल रहा गर्भ में लड़का या लड़की।

ब्यूटी दुनिया लिंग भेदभाव का विरोध करता है। ब्यूटी दुनिया बच्चे का लिंग पता लगाने के लिए जो भी तरीके आपको बता रहा है वह सिर्फ आपकी एक जिज्ञासा पूर्ति के लिए कि हर मां यह जानना चाहती है कि गर्भ में पल रहा बच्चा बेटा है या बेटी।

तो आइए जानते हैं कुछ तथ्य, जिनके आधार पर यह जाना जा सकता है कि गर्भ में लड़का या लड़की किस साइड होते हैं।

Table of Contents

गर्भ में लड़का किस साइड रहता है | Ladka Hone Ke Lakshan

गर्भ में लड़का किस साइड रहता है | Ladka Hone Ke Lakshan

अगर गर्भावस्था के दौरान आपको अपने सीधे पांव या सीधे हाथ की तरफ पेट का ज्यादा भार और खिंचाव महसूस होता है। तो ऐसा माना जाता है कि गर्भ में पल रहा शिशु लड़का है। अगर आप के गर्भ में लड़का है तो आपको राइट साइड ज्यादा मूवमेंट नजर आएगी।

पेट के दाएं हिस्से की तरफ लड़का और पेट के बाएं हिस्से की तरफ लड़की मानी जाती है। इसके अलावा निम्नलिखित तरीकों से भी आप जान सकते हैं कि गर्भ में पल रही संतान लड़का है या लड़की।

1. पहली तिमाही में एक लड़का होने के लक्षण | How To Know Baby Gender Without Ultrasound In Hindi

वैसे तो 5 महीने के बाद ही बच्चे का संपूर्ण लिंग और अंग बनते हैं तो तभी पता लगाया जा सकता है कि गर्भ में पल रहा बच्चा लड़का है या लड़की।

लेकिन दादी, नानी की बात माने तो गर्भावस्था के पहली तिमाही में आपके खाने की इच्छा से पता लगाया जा सकता है कि गर्भ में पल रहा बच्चा लड़का है या लड़की। अगर आपने गर्भ धारण कर लिया

और उसके बाद आपको पहले 5 महीनों में मीठा खाने का मन होता है और बाद में आपको खट्टा और चटपटा खाने का मन करता है। तो कहा जाता है यह स्थिति गर्भ में लड़की को संकेत करती है

और इसके विपरीत अगर आपका पहले 5 महीने खट्टा और चटपटा खाने का मन करता है और बाद वाली तिमाही में मीठा खाने का मन करता है तो यह स्थिति गर्भ में लड़के की ओर अंदेशा करती हैं।

2. गर्भ में लड़के की हलचल | How To Guess Boy Or Girl During Pregnancy In Hindi

नारी के लिए मां बनना जरूरी है फिर चाहे बेटे की बनी या बेटी की। लेकिन फिर भी अपने गर्भ धारण करने के बाद हर स्त्री यह जानना चाहती है कि उसको बेटा होगा या बेटी। ऐसे में गर्भ में लड़का किस साइड रहता है और लड़की किस साइड, यह जानना हर नारी चाहती होगी।

मातृत्व एक स्त्री को संपूर्ण बनाता है। मां बनना ईश्वर द्वारा दिए गए वरदान में सर्वश्रेष्ठ वरदान है। गर्भ में पल रहा बच्चा लड़का हो चाहे फिर लड़की। हर मां यही कामना करती है कि वह स्वस्थ हो।

यह सबको पता होना चाहिए कि बच्चे को गर्भ में धारण करने के बाद कम से कम 3 महीने तक बच्चे के लिंग का पता नहीं लगाया जा सकता क्योंकि 3 महीने तक बच्चा केवल भ्रूण अवस्था में रहता है। 3 महीने के बाद बच्चे के लिंग और अन्य अंग बनने लगते हैं।

तो इस तरीके से संपूर्ण जानकारी 5 महीने के बाद ही प्राप्त की जा सकती है। अर्थात 5 महीने के बाद अगर हम जांच कराते हैं तो लिंग का पता लगाया जा सकता है कि गर्भ में पुत्र या पुत्री हैं।

लेकिन भारत में भ्रूण हत्या को रोकने के लिए बच्चे का लिंग जांच करवाना गैर कानूनी माना गया है। लेकिन आप अपने घरेलू तरीकों से पता कर सकते हैं कि गर्भ में पल रहा गर्भ में लड़का या लड़की।

ब्यूटी दुनिया लिंग भेदभाव का विरोध करता है। ब्यूटी दुनिया बच्चे का लिंग पता लगाने के लिए जो भी तरीके आपको बता रहा है वह सिर्फ आपकी एक जिज्ञासा पूर्ति के लिए कि हर मां यह जानना चाहती है कि गर्भ में पल रहा बच्चा बेटा है या बेटी।

तो आइए जानते हैं कुछ तथ्य, जिनके आधार पर यह जाना जा सकता है कि गर्भ में लड़का या लड़की किस साइड होते हैं।

गर्भ में लड़का किस साइड रहता है | Ladka Hone Ke Lakshan

अगर गर्भावस्था के दौरान आपको अपने सीधे पांव या सीधे हाथ की तरफ पेट का ज्यादा भार और खिंचाव महसूस होता है। तो ऐसा माना जाता है कि गर्भ में पल रहा शिशु लड़का है। अगर आप के गर्भ में लड़का है तो आपको राइट साइड ज्यादा मूवमेंट नजर आएगी।

पेट के दाएं हिस्से की तरफ लड़का और पेट के बाएं हिस्से की तरफ लड़की मानी जाती है। इसके अलावा निम्नलिखित तरीकों से भी आप जान सकते हैं कि गर्भ में पल रही संतान लड़का है या लड़की।

1. पहली तिमाही में एक लड़का होने के लक्षण | How To Know Baby Gender Without Ultrasound In Hindi

वैसे तो 5 महीने के बाद ही बच्चे का संपूर्ण लिंग और अंग बनते हैं तो तभी पता लगाया जा सकता है कि गर्भ में पल रहा बच्चा लड़का है या लड़की।

लेकिन दादी, नानी की बात माने तो गर्भावस्था के पहली तिमाही में आपके खाने की इच्छा से पता लगाया जा सकता है कि गर्भ में पल रहा बच्चा लड़का है या लड़की। अगर आपने गर्भ धारण कर लिया

और उसके बाद आपको पहले 5 महीनों में मीठा खाने का मन होता है और बाद में आपको खट्टा और चटपटा खाने का मन करता है। तो कहा जाता है यह स्थिति गर्भ में लड़की को संकेत करती है

और इसके विपरीत अगर आपका पहले 5 महीने खट्टा और चटपटा खाने का मन करता है और बाद वाली तिमाही में मीठा खाने का मन करता है तो यह स्थिति गर्भ में लड़के की ओर अंदेशा करती हैं।

2. गर्भ में लड़के की हलचल | How To Guess Boy Or Girl During Pregnancy In Hindi

दूसरी तिमाही में एक लड़का होने के लक्षण में माना जाता है गर्भ में लड़के की हलचल। Ladka Pet Me Kab Halchal Karta Hai यह सवाल हर गर्भवती महिला के मन में उठना जायज़ है।

ऐसा माना जाता है कि गर्भ में अगर बेटा पल रहा है तो गर्भ में हलचल पांचवी महीने के बाद से शुरू होती है। और अगर गर्भ में लड़की है तो उसकी मूवमेंट आपको तीसरे महीने से शुरू हो जाती है।

कहने का अभिप्राय यह है कि गर्भ में लड़के की हलचल लड़की की हलचल की तुलना में बाद में होती है।

3. गर्भ में बेटी होने के लक्षण | How To Know In Pregnancy Boy Or Girl In Hindi

कहते हैं लड़कियां सौंदर्य और सौम्यता की निशानी होती है। अगर आप के गर्भ में पुत्री पल रही है तो गर्भवती महिला के हाथ पैर सौम्य और सुंदर हो जाते हैं। गर्भवती महिला के चेहरे का तेज भी बढ़ जाता है।

इसके विपरीत अगर गर्भ में लड़का पल रहा है तो चेहरे का तेज और शरीर की सौम्यता ढलने लगती है। बहुत सी गर्भवती महिलाओं को शरीर पर हार्मोन असंतुलन की वजह से बाल भी उगने लगते हैं। यह तब होता है जब गर्भ में लड़का पल रहा हूं।

4. गर्भ में पुत्र या पुत्री कैसे पता करें | Pregnancy Me Ladka Ya Ladki

ऐसा माना जाता है कि गर्भ में अगर पुत्र होता है तो मां ज्यादा एक्टिव रहती है। अपनी संपूर्ण गर्भावस्था के दौरान इसी के साथ गर्भवती महिला को उल्टी, जी मचलना जैसी समस्याओं का सामना भी कम करना पड़ता है। इसके विपरीत अगर गर्भ में पुत्री पल रही होती है

तो गर्भवती महिला को मॉर्निंग सिकनेस ज्यादा होती है। उल्टी जैसी समस्या गर्भवती महिला को ज्यादा समय के लिए सता सकती है। अगर आप के गर्भ में लड़का पल रहा है तो ऐसा माना जाता है कि गर्भवती महिला का वजन लड़की की तुलना में कम बढता है।

5. गर्भावस्था में लड़का | Pregnancy Gender Test At Home In Hindi

1. वेडिंग रिंग टेस्ट

वेडिंग रिंग टेस्ट गर्भ में जेंडर आईडेंटिफिकेशन का एक बड़ा अच्छा टेस्ट है इस टेस्ट में लोग शादी और सगाई की अंगूठी को एक धागे से बांधकर मां के पेट पर बांधते हैं। अगर यह अंगूठी आगे पीछे जाती है तो होने वाली संतान लड़का होती है और अगर यह गोल-गोल घूमती है।

तो माना जाता है कि गर्भ में लड़की पल रही है। इसी तरह पेंडलम मेथड भी अपनाया जाता है। जहां एक सुई को किसी धागे से बांधा जाता है। मां को बिस्तर पर पीठ के बल लिटा कर इसे मां के पेट के सामने लटकाया जाता है। अगर सूई गोल गोल घूमती है तो आने वाला बच्चा लड़की है, अन्यथा लड़का।

2. फेस रीडिंग

बड़े बुजुर्गों का मानना है कि अगर गर्भ में लड़की पल रही होती है तो पहली तिमाही में चेहरे पर मुंहासे हो जाते हैं और चेहरा बहुत ही तेजहीन दिखाई देता है। इसके विपरीत अगर पेट में लड़का पल रहा होता है तो पहली तिमाही में चेहरे पर एक दैविक तेज दिखाई देता है। जिससे गर्भवती महिला और सुंदर दिखने लगती है।

3. बेकिंग सोडा टेस्ट

इस तरह के टेस्ट से आप प्रेगनेंसी में लड़का या लड़की जान सकते हैं। इस तरह के टेस्ट के लिए गर्भवती महिलाओं को सुबह सुबह उठकर अपने यूरिन में बेकिंग सोडा मिलाना होता है। अगर इसमें झाग उत्पन्न नहीं होता तो इसका मतलब गर्भ में पुत्र पल रहा है और अगर जाग उत्पन्न होता है। तो इसका मतलब है गर्भ में पुत्री पल रही है।

निष्कर्ष | Conclusion

ऊपर लेख में हमने आपको बताया गर्भ में लड़का किस साइड होता है। घर में लड़का दाएं साइड होता है और गर्भ में लड़की बाएं साइड होती है। इसी वजह से अगर गर्भ में लड़का पैदा होता है तो पेट का निचला हिस्सा फूला हुआ दिखाई देता है।

गर्भ में अगर लड़की होती है तो पेट का ऊपरी हिस्सा फूला हुआ दिखाई देता है। यह लेख सिर्फ आप ही एक जिज्ञासा पूर्ति के लिए लिखा गया है। बाकी ब्यूटी दुनिया लिंग भेदभाव का विरोध करता है।

FAQ

FAQ

1. गर्भ में लड़का कौन सी साइड रहता है?

गर्भ में लड़का दाईं और लड़की बाई साइड होती है। अगर पेट के आकार की बात की जाएं तो नीचे की तरफ से फूला हुआ पेट गर्भ में लड़के होने को दर्शाता है और ऊपर की तरफ से पूरा हुआ पेट लड़की को दर्शाता करता है।

2. गर्भ में लड़का कब हलचल करता है?

ऐसा माना जाता है लड़कियां लड़कों की तुलना में गर्भ में जल्दी हलचल करती हैं। लड़कियां 14वें से 26वें हफ्ते के बीच पहली एक शुरू कर देती है जबकि लड़के अपनी पहली पिक 20 से 25वें में हफ्ते में करते हैं।

3. सोनोग्राफी में कैसे पता चलता है कि पेट में लड़का है?

सोनोग्राफी में दिल की धड़कनों से पता लगाया जा सकता है गर्भ में पल रहा शिशु लड़का है या लड़की‌ अगर धड़कन 138 और 155 के बीच में होती है तो गर्भ में लड़का माना जाता है और वही धड़कन 155 से ऊपर या 138 से नीचे होती है तो गर्भ में लड़की होने का संकेत होता है।

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